कुरान - 16:68 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

68
وَأَوۡحَىٰ رَبُّكَ إِلَى ٱلنَّحۡلِ أَنِ ٱتَّخِذِي مِنَ ٱلۡجِبَالِ بُيُوتٗا وَمِنَ ٱلشَّجَرِ وَمِمَّا يَعۡرِشُونَ

Transliteration: (Wa awhaa Rabbuka ilan-nahli anit takhizee minal jibaali buyootanw wa minash shajari wa mimmaa ya'rishoon)

और आपके रब ने शहद की मक्खी के दिल में बात डाल दी (इल्हाम किया) [141] कि पहाड़ों में घर (छत्ते) बना और दरख़्तों में और छतों में जिन्हें वे बनाते हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 68 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 68 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"और आपके रब ने शहद की मक्खी के दिल में बात डाल दी [141] कि पहाड़ों में घर बना और दरख़्तों में और छतों में..."

[141] मक्खी को इल्हाम और उसकी शरई हैसियत

अल्लाह तआला ने शहद की मक्खी को फ़ितरी इल्हाम फ़रमाया कि वह बिना किसी तालीम के छत्ते की मुनज़्ज़म कारीगरी करती है। शहद खाना हलाल और शिफ़ा है, मगर मक्खी को खाना हराम और उसे मारना मना है। इमाम अबू हनीफ़ा के नज़दीक मक्खी को छत्ते के साथ बेचना जाइज़ है।

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