कुरान - 16:69 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

69
ثُمَّ كُلِي مِن كُلِّ ٱلثَّمَرَٰتِ فَٱسۡلُكِي سُبُلَ رَبِّكِ ذُلُلٗاۚ يَخۡرُجُ مِنۢ بُطُونِهَا شَرَابٞ مُّخۡتَلِفٌ أَلۡوَٰنُهُۥ فِيهِ شِفَآءٞ لِّلنَّاسِۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗ لِّقَوۡمٖ يَتَفَكَّرُونَ

Transliteration: (Summma kulee min kullis samaraati faslukee subula Rabbiki zululaa; yakhruju mim butoonihaa sharaabum mukh talifun alwaanuhoo feehi shifaaa'ul linnaas, innna fee zaalika la Aayatal liqawminy yatafakkaroon)

फिर हर क़िस्म के फलों (व फूलों) में से खा [142], और अपने रब की राहों पर चल जो तेरे लिए आसान कर दी गईं [143]। उसके पेट से एक पीने की चीज़ निकलती है जिसके रंग मुख़्तलिफ़ हैं [144], जिसमें लोगों के लिए शिफ़ा है [145]। बेशक इसमें निशानी है ग़ौर करने वालों के लिए [146]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 69 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 69 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"फिर हर क़िस्म के फलों में से खा [142], और अपने रब की राहों पर चल... उसके पेट से एक पीने की चीज़ निकलती है जिसके रंग मुख़्तलिफ़ हैं [144], जिसमें लोगों के लिए शिफ़ा है [145]। बेशक इसमें निशानी है ग़ौर करने वालों के लिए [146]।"

[142] मक्खी की ज़हानत

मक्खी मीलों दूर फूलों का रस चूसने जाती है और बिना भटके सीधे अपने छत्ते पर वापस आती है।

[143] आसान रास्ते

अल्लाह ने उसके उड़ने और छत्ता बनाने के तरीक़ों को उसकी फ़ितरत में आसान फ़रमा दिया।

[144] शहद के मुख़्तलिफ़ रंग

फूलों के रस और मक्खी की उम्र के ऐतबार से शहद का रंग सफ़ेद, ज़र्द, लाल और गहरा सियाह होता है।

[145] दुरूद शरीफ़ की बरकत से शहद में शिफ़ा

हज़रत मौलाना जलालुद्दीन रूमी (अलैहिर्रहमा) मसनवी शरीफ़ में फ़रमाते हैं कि मक्खी बाग़ से हुज़ूर अकरम ﷺ पर दुरूद शरीफ़ पढ़ते हुए वापस आती है, और इसी दुरूद-ए-पाक की बरकत से उस कड़वे रस में शहद की मिठास और शिफ़ा पैदा हो जाती है। जब दुरूद शरीफ़ के विर्द से शहद में शिफ़ा पैदा हो जाती है, तो हमारे टूटे-फूटे आमाल भी दुरूद की बरकत से अल्लाह की बारगाह में क़ुबूल हो जाते हैं।

[146] क़यामत की दलील

जो ज़ात मुख़्तलिफ़ फूलों के रस को एक पाक शरबत बना देती है, वह बिखरे हुए इन्सानी जिस्मों को दोबारा ज़िंदा करने पर क़ादिर है।

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