Transliteration: (Wallaahu ja'ala lakum min anfusikum azwaajanw wa ja'ala lakum min azwaajikum baneena wa hafadatanw wa razaqakum minat taiyibaat; afabil baatili yu'minoona wa bini'matil laahi hum yakkfuroon)
"और अल्लाह ने तुम्हारे लिए तुम्हारी ही जिन्स से औरतें बनाईं [153]... और तुम्हें पाकीज़ा चीज़ों से रोज़ी दी [155]। तो क्या वे बातिल पर ईमान लाते हैं और अल्लाह के एहसान का इनकार करते हैं [156]?"
अल्लाह ने इन्सानों के लिए इन्सानी जिन्स से ही जोड़े बनाए ताकि आपस में उल्फ़त, मोहब्बत और सुकून क़ायम हो सके।
नेक बीवी, बेटे और पोते-नवासे (हफ़दा) अल्लाह का बड़ा इनाम हैं जिससे इन्सानी नस्ल का तसल्सुल और बुढ़ापे का सहारा क़ायम रहता है।
हलाल और पाकीज़ा ग़िज़ाएँ बन्दों के जिस्म और रूह की तहारत का ज़रिया हैं।
इतनी अज़ीम नेमतों के बाद भी बुतों को पूजना और अल्लाह की नेमतों को झुठलाना घोर ज़ुल्म है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat