कुरान - 16:74 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

74
فَلَا تَضۡرِبُواْ لِلَّهِ ٱلۡأَمۡثَالَۚ إِنَّ ٱللَّهَ يَعۡلَمُ وَأَنتُمۡ لَا تَعۡلَمُونَ

Transliteration: (Falaa tadriboo lillaahil amsaal; innal laaha ya'lamu wa antum laa ta'lamoon)

तो अल्लाह के लिए मिसालें न गढ़ो [158]। बेशक अल्लाह जानता है और तुम नहीं जानते। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 74 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 74 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"तो अल्लाह के लिए मिसालें न गढ़ो [158]। बेशक अल्लाह जानता है और तुम नहीं जानते।"

[158] अल्लाह की ला-सानी ज़ात और तशबीह की मुमानअत

अल्लाह तआला की ज़ात व सिफ़ात की कोई मिसाल या तशबीह दुनियावी मख़्लूक़ात (जैसे बादशाह और उसके दरबारी) से नहीं दी जा सकती — "उस जैसी कोई चीज़ नहीं।" अल्लाह हक़ीक़त को जानता है और इन्सानी अक़्ल महदूद है; चुनाँचे अपनी नाक़िस अक़्ल से अल्लाह के लिए मिसालें तराशना गुमराही है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now