Transliteration: (Wa darabal laahu masalar rajulaini ahaduhumaaa abkamu laa yaqdiru 'alaa shai'inw wa huwa kallun 'alaa mawlaahu ainamaa yuwajjihhu laa yaati bikhairin hal yastawee huwa wa many-yaamuru bil'adli wa huwa 'alaa Siraatim Mustaqeem (section 10))
"और अल्लाह ने एक और मिसाल बयान फ़रमाई: दो आदमी हैं, एक गूँगा जो कुछ नहीं कर सकता [162] और अपने मालिक पर बोझ है [163]... क्या वह और वह जो इन्साफ़ का हुक्म देता है [164] और सीधी राह पर है, दोनों बराबर हो जाएँगे?"
'अबकम' पैदाइशी गूँगे को कहते हैं जो न बोल सके न समझ सके; यह काफ़िर और बुत की मिसाल है जो हक़ से बिल्कुल बहरे और गूँगे हैं।
वह न अपना काम कर सकता है और न किसी दूसरे के काम आता है, सिर्फ़ दूसरों पर बोझ बनता है।
इसके मुक़ाबले में वह नेक बन्दा (मोमिन व नबी) है जो हक़ बोलता है, इन्साफ़ का हुक्म देता है और ख़ुद सिरात-ए-मुस्तक़ीम पर चलता है। दोनों कभी बराबर नहीं हो सकते।
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