कुरान - 16:73 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

73
وَيَعۡبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَا لَا يَمۡلِكُ لَهُمۡ رِزۡقٗا مِّنَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ شَيۡـٔٗا وَلَا يَسۡتَطِيعُونَ

Transliteration: (Wa ya'budoona min doonil laahi maa laa yamliku lahum rizqam minas samaawaati wal ardi shai'anw wa laa yastatee'oon)

और वे अल्लाह के सिवा ऐसी चीज़ों की पूजा करते हैं जो उन्हें न आसमानों से कुछ रोज़ी देने का इख़्तियार रखती हैं और न ज़मीन से, और न ही वे कुछ कर सकती हैं [157]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 73 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 73 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"और वे अल्लाह के सिवा ऐसी चीज़ों की पूजा करते हैं जो उन्हें न आसमानों से कुछ रोज़ी देने का इख़्तियार रखती हैं और न ज़मीन से, और न ही वे कुछ कर सकती हैं [157]।

[157] बेबस बुतों की पूजा खुली गुमराही

मुशरिक़ीन जिन बुतों को पूजते हैं वे बिल्कुल बेबस और बेजान हैं; न आसमान से बारिश बरसा सकते हैं, न ज़मीन से ग़ल्ला उगा सकते हैं, और न किसी नफ़ा या नुक़सान का इख़्तियार रखते हैं। जो ख़ुद मख़्लूक़ और बे-इख़्तियार हों, वे इबादत के लायक़ हरगिज़ नहीं हो सकते।

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