कुरान - 16:79 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

79
أَلَمۡ يَرَوۡاْ إِلَى ٱلطَّيۡرِ مُسَخَّرَٰتٖ فِي جَوِّ ٱلسَّمَآءِ مَا يُمۡسِكُهُنَّ إِلَّا ٱللَّهُۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَٰتٖ لِّقَوۡمٖ يُؤۡمِنُونَ

Transliteration: (Alam yaraw ilat tairi musakhkharaatin fee jawwis samaaa'i maa yumsikuhunna illal laah; inna fee zaalika la Aayaatil liqawminy yu'minoon)

क्या उन्होंने परिंदों को न देखा [172] जो आसमान की फ़ज़ा में हुक्म के पाबंद हैं? उन्हें अल्लाह के सिवा कोई नहीं थामे रखता। बेशक इसमें निशानियाँ हैं ईमान वालों के लिए। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 79 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 79 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"क्या उन्होंने परिंदों को न देखा [172] जो आसमान की फ़ज़ा में हुक्म के पाबंद हैं? उन्हें अल्लाह के सिवा कोई नहीं थामे रखता। बेशक इसमें निशानियाँ हैं ईमान वालों के लिए।"

[172] हवा में परिंदों का क़ियाम क़ुदरत की निशानी

भारी-भरकम परिंदों का हवा में मुअल्लक़ रहना और ज़मीन पर न गिरना अल्लाह की क़ुदरत और उसके बनाए हुए क़वानीन का करिश्मा है। हज़रत इब्ने अब्बास फ़रमाते हैं कि ऐसी मख़्लूक़ात भी हैं जो हमेशा हवा ही में रहती और उड़ती हैं — जैसे असहाबुल फ़ील को तबाह करने वाले अबआबील परिंदे।

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