Transliteration: (Wallaahu ja'ala lakum mim buyootikum sakananw wa ja'ala lakum min juloodil an'aami buyootan tastakhif foonahaa yawma za'nikum wa yawma iqaamatikum wa min aswaafihaa wa awbaarihaa wa ash'aarihaaa asaasanw wa mataa'an ilaa heen)
"और अल्लाह ने तुम्हारे लिए तुम्हारे घरों को बसने की जगह बनाया [173]... और उनकी ऊन और रोएँ और बालों से कुछ घर का साज़ो-सामान बनाया [174] और एक वक़्त तक बरतने की चीज़ें [175]।"
पक्के मकानात क़ियाम व सुकून का ज़रिया हैं, और जानवरों की खालों के तंबू व ख़ेमे सफ़र में उठाने और ले जाने में निहायत हल्के और आरामदेह हैं।
भेड़-बकरियों की ऊन और ऊँटों के रोएँ व बालों से कम्बल, दरियाँ और कपड़े बनाए जाते हैं जो पाकीज़ा और नफ़ाबख़्श हैं।
ये तमाम साज़ो-सामान दुनिया की मुक़र्ररा ज़िंदगी तक काम आने वाली नेमतें हैं जिन पर अल्लाह का शुक्र लाज़िम है।
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