कुरान - 16:82 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

82
فَإِن تَوَلَّوۡاْ فَإِنَّمَا عَلَيۡكَ ٱلۡبَلَٰغُ ٱلۡمُبِينُ

Transliteration: (Fa in tawallaw fa innamaa 'alaikal balaaghul mubeen)

फिर अगर वे मुँह फेरें, तो आप पर तो सिर्फ़ साफ़-साफ़ पहुँचा देना ही है [182] [183]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 82 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 82 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"फिर अगर वे मुँह फेरें, तो आप पर तो सिर्फ़ साफ़-साफ़ पहुँचा देना ही है [182]।"

[182] नबी करीम ﷺ का फ़रीज़ा सिर्फ़ तब्लीग़ है

ऐ महबूब! अगर ये लोग फिर भी ईमान न लाएँ, तो आप रंजीदा न हों; आपके ज़िम्मे हक़ को खोलकर पहुँचा देना था, और वह फ़रीज़ा आपने पूरी तरह अदा फ़रमा दिया।

[183] अहकाम की मुकम्मल तब्लीग़ और बे-नियाज़ी

हुज़ूर अकरम ﷺ ने शरीअत का कोई हुक्म नहीं छुपाया बल्कि मुकम्मल तौर पर उम्मत तक पहुँचाया, और हुज़ूर ﷺ अपनी जात में उम्मत से पूरी तरह बे-नियाज़ हैं।

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