Transliteration: (Wa izaa ra al lazeena zalamul 'azaaba falaa yukhaf fafu 'anhum wa laa hum yunzaroon)
"और जब ज़ालिम अज़ाब देख लेंगे, तो न उनके लिए उसमें कोई कमी की जाएगी और न उन्हें कोई मोहलत दी जाएगी [189]।"
अज़ाब में कमी न होना और मोहलत न मिलना सिर्फ़ काफ़िरों के लिए मख़्सूस है। गुनहगार मोमिनीन अल्लाह की रहमत और रसूलुल्लाह ﷺ की शफ़ाअत से इस दायमी अज़ाब से महफ़ूज़ रहेंगे।
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