कुरान - 16:88 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

88
ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ وَصَدُّواْ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِ زِدۡنَٰهُمۡ عَذَابٗا فَوۡقَ ٱلۡعَذَابِ بِمَا كَانُواْ يُفۡسِدُونَ

Transliteration: (Allazeena kafaroo wa saddoo 'an sabeelil laahi zidnaahum 'azaaban fawqal 'azaabi bimaa kaanoo yufsidoon)

जिन्होंने कुफ़्र किया और अल्लाह की राह से रोका, हमने उनके अज़ाब पर अज़ाब बढ़ाया उस फ़साद के बदले जो वे करते थे [195]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 88 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 88 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"जिन्होंने कुफ़्र किया और अल्लाह की राह से रोका, हमने उनके अज़ाब पर अज़ाब बढ़ाया उस फ़साद के बदले जो वे करते थे [195]।"

[195] गुमराह करने वालों पर दोहरा सख़्त अज़ाब

जो ख़ुद गुमराह हुए और दूसरों को भी इस्लाम से रोका, उनका अज़ाब आम काफ़िरों से कहीं ज़्यादा सख़्त होगा। उनकी आग ज़्यादा भड़कती होगी, उनके साँप-बिच्छू ज़्यादा ज़हरीले होंगे और उन्हें जहन्नमियों का ख़ून व पीप पिलाया जाएगा।

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