कुरान - 53:12 सूरह अन-नज्म अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

12
أَفَتُمَٰرُونَهُۥ عَلَىٰ مَا يَرَىٰ

Transliteration: (Afatumaaroonahoo 'alaa maayaraa)

तो क्या तुम उनसे उस चीज़ पर झगड़ते हो [15] जो उन्होंने अपनी आँखों से देखी? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नज्म आयत 12 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नज्म तफ़सीर - आयत 12

"तो क्या तुम उनसे उस चीज़ पर झगड़ते हो [15] जो उन्होंने अपनी आँखों से देखी?"


[15] मुनकिरीन-ए-मेअराज का रद्द

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि यह आयत उन मुशरिकीन को डाँटती है जो मेअराज का मज़ाक़ उड़ाते थे:

  • आँखों देखी हक़ीक़त: अल्लाह तआला ने फ़रमाया कि मेरे महबूब ने यह सब अपनी आँखों से देखा है, तुम अपनी अंधी अक़्ल से उस पर बहस और तकरार क्यों करते हो? देने वाला रब्बुल आलमीन और पाने वाले सय्यदुल मुरसलीन ﷺ, तो बीच में मुनकिरों के जलने का क्या सबब!

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