Transliteration: (Wa warisa Sulaimaanu Daawooda wa qaala yaaa aiyuhan naasu 'ullimnaa mantiqat tairi wa ooteenaa min kulli shai'in inna haazaa lahuwal fadlul mubeen)
"और सुलैमान, दाऊद के वारिस हुए [32] और कहा, 'ऐ लोगो! हमें परिंदों की बोली सिखाई गई [33], और हर चीज़ अता की गई [34]; बेशक यह खुला फ़ज़्ल है [35]।'"
हज़रत सुलैमान अपने वालिद हज़रत दाऊद के माल के वारिस नहीं बने (क्योंकि हदीस-ए-पाक के मुताबिक़ अंबिया का कोई माली वारिस नहीं होता, उनका माल सदक़ा होता है), बल्कि आप हज़रत दाऊद की नबूवत, इल्म, हिकमत और सल्तनत के वारिस बने।
अल्लाह तआला ने हज़रत सुलैमान को परिंदों, जानवरों और कीड़े-मकोड़ों की बोलियां समझने और उनसे गुफ़्तगू करने का ख़ास मोजिज़ा अता फ़रमाया था।
अल्लाह ने आपको दीन और दुनिया की तमाम नेमतें—हिकमत, हुकूमत, लश्कर, जिन्नात की ताबेदारी और दौलत भरपूर अता फ़रमाई।
हज़रत सुलैमान ने तह्दीस-ए-नेमत के तौर पर ऐलान फ़रमाया कि यह सब महज़ अल्लाह तआला का खुला फ़ज़्ल व करम है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat