Transliteration: (Wa hushira Sulaimaana junooduhoo minal jinni wal insi wattairi fahum yooza'oon)
"और सुलैमान के लिए जिन्नों, इंसानों और परिंदों के लश्कर जमा किए गए, फिर वे तरतीब में रोके जाते थे [36];"
हज़रत सुलैमान अलैहिस्सलाम का लश्कर कई सौ मील पर फैला हुआ था जिसमें इंसान, जिन्नात, वहशी जानवर और परिंदे सब शामिल थे। हर गिरोह के अफ़सर मुक़र्रर थे जो अगली और पिछली सफ़ों को बराबर रखते थे ताकि कोई अपनी हद से आगे न बढ़े। परिंदे धूप के वक़्त आसमान में परों का साया करते थे।
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