कुरान - 27:22 सूरह अन-नम्ल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

22
فَمَكَثَ غَيۡرَ بَعِيدٖ فَقَالَ أَحَطتُ بِمَا لَمۡ تُحِطۡ بِهِۦ وَجِئۡتُكَ مِن سَبَإِۭ بِنَبَإٖ يَقِينٍ

Transliteration: (Famakasa ghaira ba'eedin faqaala ahattu bimaa lam tuhit bihee wa ji'tuka min Sabaim binaba iny-yaqeen)

फिर हुदहुद ने ज़्यादा देर न लगाई (और आ पहुंचा) [47], फिर उसने कहा, 'मुझे वह मालूमात हासिल हुई हैं जो आपको मालूम नहीं, और मैं आपके पास सबा (के शहर) से एक यक़ीनी और सच्ची ख़बर लेकर आया हूँ [48]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नम्ल आयत 22 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अन-नम्ल – आयत 22

"फिर हुदहुद ने ज़्यादा देर न लगाई [47], और कहा, 'मुझे वह मालूमात मिलीं जो आपको मालूम नहीं, और मैं सबा से यक़ीनी ख़बर लाया हूँ [48];"

[47] हुदहुद की फ़ौरी वापसी

हुदहुद थोड़ी ही देर में हाज़िर हो गया और उसने अदब के साथ सर झुका कर अमान तलब की।

[48] यमन के शहर 'सबा' की यक़ीनी ख़बर

हुदहुद ने अर्ज़ किया कि मैं यमन के मशहूर शहर 'सबा' (मआरिब) गया था और वहां की ऐसी यक़ीनी और अहम ख़बर लेकर आया हूँ जिसका इल्म अभी तक आपकी बारगाह में नहीं पहुंचा था। अल्लाह तआला किसी मामूली परिंदे को भी किसी ख़ास बात का ज़रिया बना सकता है।

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