Transliteration: (Allaa yasjudoo lillaahil lazee yukhrijul khab'a fis samaawaati wal ardi wa ya'lamu maa tukhfoona wa maa tu'linoon)
"मैंने उसे और उसकी क़ौम को पाया कि वे सूरज को सजदा करते हैं, और शैतान ने उनके आमाल ख़ुशनुमा बना दिए [52] और राह से रोक दिया [53], पस वे हिदायत नहीं पाते [54];"
हुदहुद ने अर्ज़ किया कि इतनी दौलत और शान के बावजूद वे मुशरिक हैं और सुबह व शाम सूरज को सजदा करते हैं। शैतान ने उनके इस शिर्क को उनकी नज़रों में अच्छा बना दिया है।
शैतान ने उन्हें तौहीद और अल्लाह की बन्दगी की सीधी राह पर चलने से रोक रखा है।
अक़्ल और सल्तनत होने के बावजूद वे हक़ीक़त को पहचानने और हिदायत हासिल करने से महरूम हैं।
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