कुरान - 27:26 सूरह अन-नम्ल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

26
ٱللَّهُ لَآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ رَبُّ ٱلۡعَرۡشِ ٱلۡعَظِيمِ۩

Transliteration: (Qaala sananzuru asadaqta am kunta minal kaazibeen)

अल्लाह! उसके सिवा कोई माबूद नहीं, वह अज़ीम अर्श का रब है [56]।' [सजदा] (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नम्ल आयत 26 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अन-नम्ल – आयत 26

"अल्लाह! उसके सिवा कोई माबूद नहीं, वह अज़ीम अर्श का रब है [56]।' [सजदा]"

[56] तौहीद-ए-ख़ालिस और अर्श-ए-अज़ीम की रब्बूबियत [सजदा-ए-तिलावत]

हुदहुद ने अपनी बात का ख़ात्मा तौहीद के अज़ीमुश्शान कलमे पर किया कि सिर्फ़ अल्लाह ही इबादत के लायक़ है और वही कायनात के सबसे बड़े मख़लूक़ यानी 'अर्श-ए-अज़ीम' का मालिक व परवरदिगार है।

नोट: इस आयत-ए-मुबारका की तिलावत या समाअत पर सजदा-ए-तिलावत वाजिब होता है।

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