Transliteration: (Wa innee mursilatun ilaihim bihadiyyatin fanaaziratum bima yarji'ul mursaloon)
"और मैं उनकी तरफ़ एक तोहफ़ा भेजने वाली हूँ [68], फिर देखूंगी कि क़ासिद क्या जवाब लेकर लौटते हैं [69]!'"
बिलक़ीस ने कहा कि मैं पहले उनका इम्तिहान लूँगी कि वे दुनियावी बादशाह हैं या अल्लाह के सच्चे नबी। उसने सोने की ईंटें, कीमती जवाहरात, कस्तूरी, अम्बर और पांच सौ ग़ुलाम व पांच सौ कनीज़ों को एक जैसी शाही पोशाक पहना कर निहायत क़ीमती हदीया रवाना किया। साथ ही एक बे-सुराख़ मोती भेजा कि अगर वे नबी हैं तो बग़ैर धागे और सुई के इसमें सुराख़ करके धागा पिरोएं।
उसने कहा कि अगर वे तोहफ़ा क़बूल कर लें और ख़ुश हो जाएं तो समझो कि वे सिर्फ़ दुनियावी बादशाह हैं और हम उनसे मुक़ाबला करेंगे; लेकिन अगर वे माल ठुकरा दें और सिर्फ़ दीन व तौहीद का मुतालबा करें तो यक़ीनन वे अल्लाह के सच्चे रसूल हैं और हमें उनकी इताअत करनी चाहिए।
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