कुरान - 27:41 सूरह अन-नम्ल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

41
قَالَ نَكِّرُواْ لَهَا عَرۡشَهَا نَنظُرۡ أَتَهۡتَدِيٓ أَمۡ تَكُونُ مِنَ ٱلَّذِينَ لَا يَهۡتَدُونَ

Transliteration: (Qaala nakkiroo lahaa 'arshahaa nanzur atahtadeee am takoonu minal lazeena laa yahtadoon)

(सुलैमान ने) फ़रमाया, 'उसके लिए उसके तख़्त की शक्ल व सूरत बदल दो [82], हम देखेंगे कि क्या वह समझ पाती है या उन लोगों में से है जो सही बात नहीं समझ पाते?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नम्ल आयत 41 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अन-नम्ल – आयत 41

"(सुलैमान ने) फ़रमाया, 'उसके लिए तख़्त की शक्ल बदल दो [82], हम देखेंगे कि क्या वह समझ पाती है या नहीं?'"

[82] तख़्त के नक़्श व निगार और रंगों में तबदीली का इम्तिहान

हज़रत सुलैमान अलैहिस्सलाम ने कारीगरों को हुक्म दिया कि तख़्त के कुछ जवाहरात की जगह बदल दी जाए, सोने की जगह चांदी और लाल की जगह ज़ुमर्रद लगा दिया जाए ताकि मल्लिका की अक़्ल व फ़रासत का इम्तिहान लिया जाए कि वह अपने तख़्त को पहचान पाती है या धोखा खा जाती है।

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