Transliteration: (Falammaa jaaa'at qeela ahaakaza 'arshuki qaalat ka'annahoo hoo; wa ooteenal 'ilma min qablihaa wa kunnaa muslimeen)
"फिर जब वह आई तो कहा गया, 'क्या आपका तख़्त ऐसा ही है?' उसने कहा, 'गोया यह वही है!' और हमें पहले ही इल्म दिया गया और हम मुस्लिम थे [84]।"
जब बिलक़ीस दरबार में पहुंची तो उससे पूछा गया: 'क्या आपका तख़्त ऐसा ही है?' बिलक़ीस ने निहायत ज़हीन जवाब दिया: 'गोया यह वही है!' उसने साफ़ 'हाँ' नहीं कहा क्योंकि वह उसे यमन में सात तालों में बन्द छोड़ कर आई थी, और साफ़ 'ना' भी नहीं कहा क्योंकि तमाम नक़्श व निगार उसी के थे। हज़रत सुलैमान ने उसकी अक़्ल की दाद दी और अल्लाह की दी हुई नबूवत व तौहीद की अज़मत बयान फ़रमाई।
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