कुरान - 27:47 सूरह अन-नम्ल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

47
قَالُواْ ٱطَّيَّرۡنَا بِكَ وَبِمَن مَّعَكَۚ قَالَ طَـٰٓئِرُكُمۡ عِندَ ٱللَّهِۖ بَلۡ أَنتُمۡ قَوۡمٞ تُفۡتَنُونَ

Transliteration: (Qaalut taiyarnaa bika wa bimam ma'ak; qaala taaa'irukum 'indal laahi bal antum qawmun tuftanoon)

उन्होंने कहा, 'हमने आपको और आपके साथियों को अपने लिए मनहूस समझा है।' (सालेह ने) फ़रमाया, 'तुम्हारी नहूसत तो अल्लाह के पास है; बल्कि तुम ऐसे लोग हो जिनकी आज़माइश की जा रही है।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नम्ल आयत 47 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अन-नम्ल – आयत 47

"उन्होंने कहा, 'हमने आपको और आपके साथियों को मनहूस समझा।' फ़रमाया: 'तुम्हारी नहूसत अल्लाह के पास है; बल्कि तुम्हारी आज़माइश हो रही है।"

काफ़िरों पर जब कहत-साली या बीमारी आई तो वे हज़रत सालेह और मोमिनों पर बदफ़ाली (मनहूस होने) का इल्ज़ाम लगाने लगे। आपने फ़रमाया कि नहूसत हमारे सबब से नहीं बल्कि तुम्हारे अपने कुफ़्र व बद-आमालियों का नतीजा है।

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