कुरान - 27:50 सूरह अन-नम्ल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

50
وَمَكَرُواْ مَكۡرٗا وَمَكَرۡنَا مَكۡرٗا وَهُمۡ لَا يَشۡعُرُونَ

Transliteration: (Wa makaroo makranw wa makarnaa makranw wa hum laa yash'uroon)

और उन्होंने एक ख़ुफ़िया चाल चली, और हमने भी एक तदबीर फ़रमाई, और उन्हें (हमारी तदबीर की) ख़बर तक न थी [102]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नम्ल आयत 50 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अन-नम्ल – आयत 50

"और उन्होंने एक चाल चली, और हमने भी एक तदबीर फ़रमाई, और उन्हें ख़बर तक न थी [102];"

[102] तदबीर-ए-इलाही और साज़िशियों की हलाकत

वे नौ बदमाश जब हज़रत सालेह के मकान पर हमला करने के लिए एक पहाड़ के ग़ार में छुपे, तो अल्लाह तआला ने पहाड़ की एक भारी चट्टान उन पर गिरा दी जिसने उन सबको वहीं कुचल कर ढेर कर दिया। उनकी साज़िश उन्हीं के सरों पर उलट पड़ी।

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