कुरान - 27:53 सूरह अन-नम्ल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

53
وَأَنجَيۡنَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَكَانُواْ يَتَّقُونَ

Transliteration: (Wa anjainal lazeena aamanoo wa kaanoo yattaqoon)

और हमने उन लोगों को बचा लिया जो ईमान लाए थे और (अल्लाह से) डरते थे [106]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नम्ल आयत 53 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अन-नम्ल – आयत 53

"और हमने उन लोगों को बचा लिया जो ईमान लाए थे और डरते थे [106]।"

[106] चार हज़ार सालेह मोमिनीन की सलामती

अल्लाह तआला ने हज़रत सालेह अलैहिस्सलाम और आपके साथ ईमान लाने वाले लगभग चार हज़ार मोमिनीन को उस हौलनाक अज़ाब से बा-हिफ़ाज़त महफ़ूज़ फ़रमाया और वे हिजरत करके फ़िलिस्तीन व शाम की तरफ़ सलामत पहुंच गए।

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