कुरान - 27:55 सूरह अन-नम्ल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

55
أَئِنَّكُمۡ لَتَأۡتُونَ ٱلرِّجَالَ شَهۡوَةٗ مِّن دُونِ ٱلنِّسَآءِۚ بَلۡ أَنتُمۡ قَوۡمٞ تَجۡهَلُونَ

Transliteration: (A'innakum lataatoonar rijaala shahwatam min doonin nisaaa'; bal antum qawmun tajhaloon (End Juz 19))

क्या तुम औरतों को छोड़कर मर्दों के पास शहवत से आते हो [108]? बल्कि तुम सरासर जाहिल लोग हो!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नम्ल आयत 55 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अन-नम्ल – आयत 55

"क्या तुम औरतों को छोड़कर मर्दों के पास शहवत से आते हो [108]? बल्कि तुम सरासर जाहिल लोग हो!'"

[108] ग़ैर-फ़ितरी गुनाह और जहालत की इन्तिहा

हज़रत लूत ने फ़रमाया कि अल्लाह ने पाकीज़ा नस्ल के लिए बीवियों को पैदा किया है, मगर तुम अपनी शहवत के लिए मर्दों के पास जाते हो। यह फ़ितरत को उलटने वाली बदतरीन जहालत और सरकशी है।

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