कुरान - 27:57 सूरह अन-नम्ल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

57
فَأَنجَيۡنَٰهُ وَأَهۡلَهُۥٓ إِلَّا ٱمۡرَأَتَهُۥ قَدَّرۡنَٰهَا مِنَ ٱلۡغَٰبِرِينَ

Transliteration: (Fa anjainaahu wa ahlahooo illam ra atahoo qaddarnaahaa minal ghaabireen)

फिर हमने उन्हें और उनके अहलो-अयाल को बचा लिया सिवाय उनकी बीवी के; हमने मुक़द्दर कर दिया था कि वह पीछे रह जाने (और हलाक होने) वालों में से होगी [110]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नम्ल आयत 57 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अन-नम्ल – आयत 57

"फिर हमने उन्हें और उनके अहलो-अयाल को बचा लिया सिवाय उनकी बीवी के; वह पीछे रह जाने वालों में से थी [110]।"

[110] नबी की काफ़िर बीवी का अंजाम

हज़रत लूत की बीवी काफ़िरों की मददगार थी, लिहाज़ा नबी की ज़ौजा होने के बावजूद वह अज़ाब से न बच सकी और बस्ती वालों के साथ ही हलाक कर दी गई।

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