कुरान - 27:64 सूरह अन-नम्ल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

64
أَمَّن يَبۡدَؤُاْ ٱلۡخَلۡقَ ثُمَّ يُعِيدُهُۥ وَمَن يَرۡزُقُكُم مِّنَ ٱلسَّمَآءِ وَٱلۡأَرۡضِۗ أَءِلَٰهٞ مَّعَ ٱللَّهِۚ قُلۡ هَاتُواْ بُرۡهَٰنَكُمۡ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ

Transliteration: (Ammany yabda'ul khalqa thumma yu'eeduhoo wa many-yarzuqukum minas sammaaa'i wal ard; 'a-ilaahun ma'allah; qul haatoo burhaanakum in kuntum saadiqeen)

भला वह कौन है जो पैदाइश की इब्तिदा करता है, फिर उसका इआदा करेगा (दोबारा पैदा करेगा) [125], और जो तुम्हें आसमान और ज़मीन से रिज़्क़ देता है [126]? क्या अल्लाह के साथ कोई और माबूद है? कह दीजिए, 'अपनी दलील लाओ अगर तुम सच्चे हो [127]!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नम्ल आयत 64 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नम्ल तफ़सीर - आयत 64

"भला वह कौन है जो पैदाइश की इब्तिदा करता है, फिर उसका इआदा करेगा (दोबारा पैदा करेगा) [125], और जो तुम्हें आसमान और ज़मीन से रिज़्क़ देता है [126]? क्या अल्लाह के साथ कोई और माबूद है? कह दीजिए, 'अपनी दलील लाओ अगर तुम सच्चे हो [127]!'"

[125] पैदाइश की इब्तिदा और दोबारा पैदा फ़रमाना

मक्का के मुशरिकीन पहली बार पैदा करने को तो अल्लाह का फ़ेल मानते थे मगर मरने के बाद दोबारा ज़िंदा किए जाने का इंकार करते थे। हालांकि जो ज़ात पहली बार अदम (नाबूद) से वजूद में ला सकती है, उसके लिए दोबारा पैदा करना तो ब-दर्जा औला आसान है।

[126] आसमान और ज़मीन से रिज़्क़

यानी आसमान से बारिश, धूप, चाँदनी और हवाएं अता फ़रमाता है, और ज़मीन से अनाज, फल, सब्ज़ियाँ और तरह-तरह की नेमतें उगाकर मख़लूक़ को रोज़ी देता है। इन दोनों में किसी बुत का कोई दख़ल नहीं।

[127] बातिल से दलील का मुतालबा

इससे मालूम हुआ कि मुनकिरीन व मुशरिकीन के झूठे दावों को बातिल साबित करने के लिए उनसे दलील व सबूत तलब करना जायज़ है। जब उनके पास अपने शिर्क की कोई अक़्ली या नक़्ली दलील नहीं, तो उनका शिर्क सरासर ज़ुल्म व जहालत है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now