Transliteration: (Ammany-yahdeekum fee zulumaatil barri wal bahri wa many yursilu riyaaha bushran baina yadai rahmatih; 'a-ilaahun ma'allah; Ta'aalal laahu 'ammaa yushrikoon)
"भला वह कौन है जो ख़ुश्की और तरी (समुंदर) के अंधेरों में तुम्हारी रहनुमाई करता है [123], और जो अपनी रहमत (बारिश) से पहले हवाओं को ख़ुशख़बरी बनाकर भेजता है [124]? क्या अल्लाह के साथ कोई और माबूद है? अल्लाह बहुत बुलंद व बरतर है उस शिर्क से जो ये करते हैं!"
इससे मालूम हुआ कि जब अल्लाह तआला ने दुनिया के सफ़र के लिए सितारों और निशानियों को रहनुमा बनाया, तो भला आख़िरत की मंज़िलों और दीन की राह के लिए अंबिया व औलिया को हिदायत का रहनुमा क्यों न बनाता! ज़मीन व समुंदर के घुप अंधेरों में सही राह पर चलना सिर्फ़ अल्लाह की रहनुमाई से मुम्किन है।
यहाँ 'रहमत' से मुराद बारिश है, और हवाएं वे ठंडी व मुअत्तर हवाएं हैं जो मानसूनी बादलों को उड़ाकर लाती हैं और बारिश की बशारत देती हैं, जिससे मुर्दा ज़मीन ज़िंदा हो जाती है और बंदों के दिल खिल उठते हैं।
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