कुरान - 27:74 सूरह अन-नम्ल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

74
وَإِنَّ رَبَّكَ لَيَعۡلَمُ مَا تُكِنُّ صُدُورُهُمۡ وَمَا يُعۡلِنُونَ

Transliteration: (Wa inna Rabbaka la ya'lamu maa tukinnu sudooruhum wa maa yu'linoon)

और बेशक आपका रब ख़ूब जानता है जो कुछ उनके सीने छुपाते हैं और जो कुछ वे ज़ाहिर करते हैं [141]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नम्ल आयत 74 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नम्ल तफ़सीर - आयत 74

"और बेशक आपका रब ख़ूब जानता है जो कुछ उनके सीने छुपाते हैं और जो कुछ वे ज़ाहिर करते हैं [141]।"

[141] दिलों के भेद और ज़ाहिर व बातिन का इल्म

बहुत से मुशरिकीन अपने दिलों में हुज़ूर ﷺ की सदाक़त व नबुव्वत को जानते और पहचानते थे, मगर ज़बान से हसद और तकब्बुर के बाइस इनकार करते थे। अल्लाह तआला उनके इस निफ़ाक़ और सीनों में छुपी दुश्मनी को भी ख़ूब जानता है और उनके ज़ाहिरी कौल व अमल से भी पूरी तरह बा-ख़बर है।

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