Transliteration: (Wa maa min ghaaa'ibatin fis samaaa'i wal ardi illaa fee kitaabin mubeen)
"और आसमान और ज़मीन की कोई छुपी हुई चीज़ ऐसी नहीं मगर वह एक रौशन किताब (लौहे महफ़ूज़) में दर्ज है [142]।"
इस आयत से साबित हुआ कि कायनात का हर छुपा और ज़ाहिर राज़, कायनात के बनने से लेकर क़ियामत तक के तमाम वाक़िआत, एक रौशन किताब 'लौहे महफ़ूज़' में लिखे हुए हैं। जब मख़लूक़ (लौह व क़लम) में सब कुछ लिख दिया गया तो ख़ालिक़ के इल्म की वुसअत का क्या ठिकाना!
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