कुरान - 27:82 सूरह अन-नम्ल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

82
۞وَإِذَا وَقَعَ ٱلۡقَوۡلُ عَلَيۡهِمۡ أَخۡرَجۡنَا لَهُمۡ دَآبَّةٗ مِّنَ ٱلۡأَرۡضِ تُكَلِّمُهُمۡ أَنَّ ٱلنَّاسَ كَانُواْ بِـَٔايَٰتِنَا لَا يُوقِنُونَ

Transliteration: (Wa izaa waqa’al qawlu ‘alaihim akhrajnaa lahum daaabbatan minal ardi tukal limuhum annan naasa kaanoo bi aayaatinaa laa yooqinoon (section 6))

और जब उन पर बात (अज़ाब का फ़ैसला) साबित हो जाएगी, तो हम उनके लिए ज़मीन से एक जानवर (दाब्बतुल अर्ज़) निकालेंगे जो उनसे कलाम करेगा कि लोग हमारी आयात पर यक़ीन नहीं रखते थे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नम्ल आयत 82 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नम्ल तफ़सीर - आयत 82

"और जब उन पर बात (अज़ाब का फ़ैसला) साबित हो जाएगी, तो हम उनके लिए ज़मीन से एक जानवर (दाब्बतुल अर्ज़) निकालेंगे जो उनसे कलाम करेगा कि लोग हमारी आयात पर यक़ीन नहीं रखते थे।"

क़ियामत की बड़ी निशानी: दाब्बतुल अर्ज़ का ज़ुहूर

यह आयत क़ियामत की अज़ीम निशानियों में से एक निशानी की ख़बर देती है। जब मुनकिरीन पर उनकी मुस्तक़िल सरकशी की वजह से अज़ाब का फ़ैसला साबित हो जाएगा, तो अल्लाह तआला ज़मीन से एक ख़ास जानवर निकालेगा जिसे दाब्बतुल अर्ज़ कहा जाता है।

यह जानवर इंसानों से फ़सीह कलाम करेगा और उन्हें उनके कुफ़्र व इंकार पर मलामत करेगा। वह मोमिन के चेहरे पर नूरानी लकीर खींचेगा जिससे उसका चेहरा चमक उठेगा और काफ़िर की नाक पर मोहर लगाएगा जिससे उसका चेहरा स्याह हो जाएगा। इसके निकलने के बाद तौबा का दरवाज़ा बंद हो जाएगा।

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