कुरान - 27:83 सूरह अन-नम्ल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

83
وَيَوۡمَ نَحۡشُرُ مِن كُلِّ أُمَّةٖ فَوۡجٗا مِّمَّن يُكَذِّبُ بِـَٔايَٰتِنَا فَهُمۡ يُوزَعُونَ

Transliteration: (Wa Yawma nahshuru min kulli ummatin fawjan mimmany yukazzibu bi Aayaatinaa fahum yooza'oon)

और जिस दिन हम हर उम्मत में से एक गिरोह को इकट्ठा करेंगे जो हमारी आयात को झुठलाते थे, फिर उनकी दर्जेबंदी करके उन्हें रोक दिया जाएगा [152]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नम्ल आयत 83 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नम्ल तफ़सीर - आयत 83

"और जिस दिन हम हर उम्मत में से एक गिरोह को इकट्ठा करेंगे जो हमारी आयात को झुठलाते थे, फिर उनकी दर्जेबंदी करके उन्हें रोक दिया जाएगा [152]।"

[152] मुजरिमों का जमा होना और उनकी गिरोहबंदी

यानी क़ियामत के दिन हर ज़माने के काफ़िरों और झुठलाने वालों के सरगनाओं को अलग-अलग गिरोहों में जमा किया जाएगा। फिर अगली और पिछली नस्लों को एक साथ रोका जाएगा ताकि सब एक मैदान में इकट्ठे होकर रुसवाई और सज़ा का सामना करें।

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