कुरान - 24:10 सूरह अन-नूर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

10
وَلَوۡلَا فَضۡلُ ٱللَّهِ عَلَيۡكُمۡ وَرَحۡمَتُهُۥ وَأَنَّ ٱللَّهَ تَوَّابٌ حَكِيمٌ

Transliteration: (Wa law laa fadlul laahi 'alaikum wa rahmatuhoo wa annal laaha Tawwaabun Hakeem (section 1))

और अगर तुम पर अल्लाह का फ़ज़्ल और उसकी रहमत [20] न होती (तो तुम बड़ी रुसवाई में पड़ जाते); और बेशक अल्लाह बड़ा तौबा क़बूल फ़रमाने वाला, हिकमत वाला है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नूर आयत 10 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अन-नूर – आयत 10

"और अगर तुम पर अल्लाह का फ़ज़्ल और उसकी रहमत [20] न होती... और बेशक अल्लाह तौबा क़बूल फ़रमाने वाला, हिकमत वाला है।"

[20] इलाही रहमत की पर्दापोशी

अल्लाह तआला ने मोमिनों को याद दिलाया कि यह उसकी ख़ास रहमत और फ़ज़्ल है जिसने तुम्हारे ऐबों पर पर्दा डाला और लिआन जैसे हिकमत भरे क़वानीन नाज़िल फ़रमाकर ख़ानदानों को रुसवाई और हलाकत से बचा लिया। वरना अगर अल्लाह इंसानों के बातिन को बेनक़ाब फ़रमा देता तो लोग तबाह हो जाते।

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