Transliteration: (Wa yadra'u anhal 'azaaba an tashhada arba'a shahaa daatim billaahi innahoo laminal kaazibeen)
"और औरत से सज़ा [16] इस तरह टल जाएगी कि वह चार बार अल्लाह की क़सम खाकर गवाही दे कि वह यक़ीनन झूठों में से है [17];"
यहाँ सज़ा से मुराद हद्दे ज़िना (रज्म) है। जब शौहर ने लिआन किया तो औरत पर हद्द लाज़िम हो रही थी, लेकिन शरीअत ने औरत को अपनी बेगुनाही साबित करने का बराबर मौक़ा दिया।
औरत चार मर्तबा अल्लाह की क़सम खाकर अदालत में कहेगी कि उसका शौहर झूठा है। औरत की ये चार क़समें शौहर के इल्ज़ाम को बातिल कर देंगी और औरत सज़ा से बच जाएगी।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat