कुरान - 24:8 सूरह अन-नूर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

8
وَيَدۡرَؤُاْ عَنۡهَا ٱلۡعَذَابَ أَن تَشۡهَدَ أَرۡبَعَ شَهَٰدَٰتِۭ بِٱللَّهِ إِنَّهُۥ لَمِنَ ٱلۡكَٰذِبِينَ

Transliteration: (Wa yadra'u anhal 'azaaba an tashhada arba'a shahaa daatim billaahi innahoo laminal kaazibeen)

और औरत से सज़ा [16] इस तरह टल जाएगी कि वह चार बार अल्लाह की क़सम खाकर गवाही दे कि वह (शौहर) यक़ीनन झूठों में से है [17]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नूर आयत 8 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अन-नूर – आयत 8

"और औरत से सज़ा [16] इस तरह टल जाएगी कि वह चार बार अल्लाह की क़सम खाकर गवाही दे कि वह यक़ीनन झूठों में से है [17];"

[16] क़समों के ज़रिए सज़ा का टलना

यहाँ सज़ा से मुराद हद्दे ज़िना (रज्म) है। जब शौहर ने लिआन किया तो औरत पर हद्द लाज़िम हो रही थी, लेकिन शरीअत ने औरत को अपनी बेगुनाही साबित करने का बराबर मौक़ा दिया।

[17] तोहमत की साफ़ तरदीद

औरत चार मर्तबा अल्लाह की क़सम खाकर अदालत में कहेगी कि उसका शौहर झूठा है। औरत की ये चार क़समें शौहर के इल्ज़ाम को बातिल कर देंगी और औरत सज़ा से बच जाएगी।

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