कुरान - 24:7 सूरह अन-नूर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

7
وَٱلۡخَٰمِسَةُ أَنَّ لَعۡنَتَ ٱللَّهِ عَلَيۡهِ إِن كَانَ مِنَ ٱلۡكَٰذِبِينَ

Transliteration: (Wal khaamisatu anna la'natal laahi 'alaihi in kaana minal kaazibeen)

और पांचवीं बार यह कहे कि उस पर अल्लाह की लानत हो अगर वह झूठों में से हो! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नूर आयत 7 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अन-नूर – आयत 7

"और पांचवीं बार यह कहे कि उस पर अल्लाह की लानत हो अगर वह झूठों में से हो!"

लिआन के तरीक़े में पांचवीं मर्तबा शौहर यह कहेगा कि अगर वह अपने दावे में झूठा हो तो उस पर अल्लाह की लानत नाज़िल हो। यह इंतिहाई संगीन और ख़ौफ़नाक क़सम है ताकि कोई शख़्स अपनी शरीके हयात पर झूठा इल्ज़ाम लगाने की जुर्रत न करे।

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