Transliteration: (Al khabeesaatu lil khabeeseena wal khabeesoona lil khabeesaati wat taiyibaatu lit taiyibeena wat taiyiboona lit taiyibaat; ulaaa'ika mubarra'oona mimma yaqooloona lahum maghfiratunw wa rizqun kareem (section 3))
"नापाक औरतें नापाक मर्दों के लिए और नापाक मर्द नापाक औरतों के लिए; पाकीज़ा औरतें पाकीज़ा मर्दों के लिए और पाकीज़ा मर्द पाकीज़ा औरतों के लिए [47]; ये बरी हैं उन बातों से जो वे कहते हैं [48]; इनके लिए मग़्फ़िरत और इज़्ज़तदार रोज़ी है [49]।"
अल्लाह तआला का यह अज़ली क़ानून है कि ख़बीस (नापाक) तबीयतें ख़बीसों की तरफ़ और तय्यिब (पाकीज़ा) तबीयतें पाकीज़ा लोगों की तरफ़ माइल होती हैं। कायनात के सबसे अफ़ज़ल व पाकीज़ा नबी हुज़ूर अकरम ﷺ के लिए अल्लाह तआला ने सबसे पाकीज़ा, मुक़द्दस और अज़ीम अहले-बैत को मुंतख़ब फ़रमाया।
यह आयत मुबारका साफ़ ऐलान फ़रमाती है कि उम्मुल मोमिनीन हज़रत आयशा सिद्दीक़ा उन तमाम झूठी तोहमतों से बिल्कुल पाक और बरी हैं जो मुनाफ़िक़ों ने गढ़ी थीं।
अल्लाह तआला ने हज़रत सिद्दीक़ा के लिए मग़फ़िरत और इज़्ज़तदार रोज़ी (जन्नत के आला मरातिब) का वादा फ़रमाया। आपकी दस ऐसी ख़ास फ़ज़ीलतें हैं जो किसी दूसरी ख़ातून को हासिल न हुईं:
हुज़ूर ﷺ की अज़वाज में वाहिद कंवारी अहलिया थीं,
आपके वालिदैन मुहाजिर व मोमिन थे,
अल्लाह ने आसमान से आपकी पाकदामनी की गवाही नाज़िल फ़रमाई,
हज़रत जिब्रील रेशमी कपड़े में आपकी तस्वीर लेकर हुज़ूर ﷺ की ख़िदमत में हाज़िर हुए,
हुज़ूर ﷺ के साथ एक ही बर्तन से ग़ुस्ल फ़रमाती थीं,
आपके बिस्तर पर वही-ए-इलाही नाज़िल होती थी,
हुज़ूर ﷺ ने आपकी गोद और सीने पर विसाल फ़रमाया,
हुज़ूर ﷺ का मज़ार-ए-अक़्दस आपके हुजरे में बना,
हज़रत जिब्रील ने आपको सलाम भेजा, और
आप जन्नत में भी हुज़ूर ﷺ की शरीके हयात हैं।
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