कुरान - 24:24 सूरह अन-नूर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

24
يَوۡمَ تَشۡهَدُ عَلَيۡهِمۡ أَلۡسِنَتُهُمۡ وَأَيۡدِيهِمۡ وَأَرۡجُلُهُم بِمَا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ

Transliteration: (Yawma tashhhadu 'alaihim alsinatuhum wa aideehim wa arjuluhum bimaa kaanoo ya'maloon)

उस दिन जब उनकी अपनी ज़बानें [45], उनके हाथ और उनके पैर उनके ख़िलाफ़ उन आमाल की गवाही देंगे जो वे किया करते थे; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नूर आयत 24 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अन-नूर – आयत 24

"उस दिन जब उनकी अपनी ज़बानें [45], उनके हाथ और उनके पैर उनके ख़िलाफ़ उन आमाल की गवाही देंगे जो वे किया करते थे।"

[45] आज़ा-ए-बदन की गवाही

क़ियामत के दिन जब मुजरिम अपने गुनाहों और झूठी तोहमतों का इन्कार करेंगे, तो उनके मुंह पर मुहर लगा दी जाएगी और उनकी ज़बानें, हाथ और पैर ख़ुद उनके आमाल की गवाही देंगे। जो ज़बान बोहतान तराशती थी, जो हाथ बुराई में शरीक थे और जो क़दम फ़ित्ने की तरफ़ उठे थे, वे सब अल्लाह के हुज़ूर सच-सच बयान कर देंगे।

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