Transliteration: (Liyajziyahumul laahu ahsana maa 'amiloo wa yazeedahum min fadlih; wal laahu yarzuqu mai yashaaa'u bighairi hisaab)
"ताकि अल्लाह उन्हें उनके बेहतरीन आमाल का बदला अता फ़रमाए [104] और अपने फ़ज़्ल से उन्हें और ज़्यादा दे [105]; और अल्लाह जिसे चाहता है बे-हिसाब रोज़ी अता फ़रमाता है।"
अल्लाह तआला अपने नेक बन्दों के मामूली आमाल को भी अपने करम से आला तरीन दर्जे पर क़बूल फ़रमाकर बेहतरीन जज़ा अता फ़रमाएगा।
सवाब आमाल के बदले में तो मिलेगा ही, लेकिन अल्लाह अपने ख़ास फ़ज़्ल से उन्हें वह कुछ भी अता फ़रमाएगा जिसका उन्होंने कभी तसव्वुर भी न किया होगा। अल्लाह का ख़ज़ाना बे-पायां है और वह जिसे चाहता है बिना हिसाब अता फ़रमाता है।
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