कुरान - 13:12 सूरह अर-राँद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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هُوَ ٱلَّذِي يُرِيكُمُ ٱلۡبَرۡقَ خَوۡفٗا وَطَمَعٗا وَيُنشِئُ ٱلسَّحَابَ ٱلثِّقَالَ

Transliteration: (Huwal lazee yureekumul barqa khawfanw wa tama'anw wa yunshi'us sahaabas siqaal)

वही है जो तुम्हें भय और आशा (दोनों) के रूप में बिजली दिखाता है, और भारी बादलों को उठाता है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-राँद आयत 12 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अर्-रअद – आयत 12 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] बिजली की चमक: ख़ौफ़ और उम्मीद

आसमान में कड़कती बिजली मुसाफ़िरों और किसानों में आकाशीय बिजली गिरने का डर पैदा करती है, तो साथ ही बारिश और हरियाली की मीठी उम्मीद भी जगाती है। पानी से लदे भारी बादलों को पैदा करना केवल अल्लाह ही की क़ुदरत है।

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