कुरान - 13:13 सूरह अर-राँद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

13
وَيُسَبِّحُ ٱلرَّعۡدُ بِحَمۡدِهِۦ وَٱلۡمَلَـٰٓئِكَةُ مِنۡ خِيفَتِهِۦ وَيُرۡسِلُ ٱلصَّوَٰعِقَ فَيُصِيبُ بِهَا مَن يَشَآءُ وَهُمۡ يُجَٰدِلُونَ فِي ٱللَّهِ وَهُوَ شَدِيدُ ٱلۡمِحَالِ

Transliteration: (Wa yusabbihur ra'du bihamdihee walmalaaa'ikatu min kheefatihee wa yursilus sawaa'iqa fa yuseebu bihaa mai yashaaa'u wa hum yujaadiloona fil laahi wa Huwa shadeedul mihaal)

और गरज (कड़क) उसकी प्रशंसा के साथ उसकी पवित्रता का गुणगान करती है, और फ़रिश्ते भी उसके भय व सम्मान से (उसकी तस्बीह करते हैं)। और वह कड़कती बिजलियां भेजता है और जिस पर चाहता है उसे गिरा देता है, जबकि वे अल्लाह के बारे में झगड़ रहे होते हैं; और उसकी पकड़ बहुत शक्तिशाली है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-राँद आयत 13 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अर्-रअद – आयत 13 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] रअद (बिजली की कड़क) की तस्बीह

सूरह का नाम 'अर्-रअद' इसी आयत से लिया गया है। बादलों की भीषण गड़गड़ाहट केवल एक भौतिक आवाज़ नहीं, बल्कि अल्लाह की हम्द व सना और तस्बीह है। सभी फ़रिश्ते भी रब की अज़मत और जलाल से कांपते हुए तस्बीह करते हैं।

✅ [2] आकाशीय गाज (बिजली) और अल्लाह की पकड़

अल्लाह जब चाहे कड़कती बिजली को नाफ़रमानों पर अज़ाब बनाकर गिरा देता है। अल्लाह की ताक़त और तदबीर का मुक़ाबला कोई नहीं कर सकता।

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