कुरान - 13:29 सूरह अर-राँद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

29
ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّـٰلِحَٰتِ طُوبَىٰ لَهُمۡ وَحُسۡنُ مَـَٔابٖ

Transliteration: (Allazeena aamanoo wa a'amilus saalihaati toobaa lahum wa husnu ma aab)

जो लोग ईमान लाए और उन्होंने नेक कर्म किए, उनके लिए परम आनंद (त़ूबा) और बेहतरीन ठिकाना है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-राँद आयत 29 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अर्-रअद – आयत 29 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] त़ूबा और हुस्नु मआब

'त़ूबा' से अभिप्राय संपूर्ण ख़ुशी, बरकत और जन्नत का वह अज़ीम दरख़्त है जिसकी छांव में घुड़सवार सौ साल तक चलता रहे तब भी ख़त्म न हो। ईमान और नेक अमल वालों का अंतिम ठिकाना सबसे हसीन और मुबारक होगा।

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