कुरान - 13:35 सूरह अर-राँद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

35
۞مَّثَلُ ٱلۡجَنَّةِ ٱلَّتِي وُعِدَ ٱلۡمُتَّقُونَۖ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُۖ أُكُلُهَا دَآئِمٞ وَظِلُّهَاۚ تِلۡكَ عُقۡبَى ٱلَّذِينَ ٱتَّقَواْۚ وَّعُقۡبَى ٱلۡكَٰفِرِينَ ٱلنَّارُ

Transliteration: (Masalul Jannatil latee wu'idal muttaqoona tajree min tahtihal anhaaru ukuluhaa daaa'imunw wa zilluhaa; tilka uqbal lazeenat taqaw wa 'uqbal kafireenan Naar)

उस जन्नत की विशेषता जिसका परहेज़गारों (अल्लाह से डरने वालों) से वादा किया गया है यह है कि उसके नीचे नहरें बह रही होंगी, उसके फल हमेशा रहने वाले हैं और उसकी छाया भी। यह अंतिम परिणाम है उनका जो अल्लाह से डरे, और काफ़िरों का अंतिम परिणाम आग (जहन्नम) है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-राँद आयत 35 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अर्-रअद – आयत 35 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] जन्नत की नेमतों का नक़्शा

जन्नत में दूध, शहद और पाक पानी की नदियां बहेंगी। दुनिया के फलों के विपरीत जन्नत के फल और साए कभी ख़त्म नहीं होंगे, न मौसम बदलेगा और न कमी आएगी। यह मुत्तक़ी बंदों का स्थायी घर है।

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