कुरान - 55:6 सूरह अर-रहमान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

6
وَٱلنَّجۡمُ وَٱلشَّجَرُ يَسۡجُدَانِ

Transliteration: (Wannajmu washshajaru yasjudan)

और बेलें (पौधे) और दरख़्त सज्दा करते हैं [5]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रहमान आयत 6 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रहमान तफ़सीर - आयत 6

"और बेलें (पौधे) और दरख़्त सज्दा करते हैं [5]!"


[5] नबातात व अश्जार का बारगाह-ए-इलाही में सज्दा

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'नज्म' से मुराद वह नबातात और बेलें हैं जिनका तना नहीं होता, और 'शजर' से मुराद तने वाले दरख़्त हैं। कायनात का हर ज़र्रा, दरख़्त और पौधा अल्लाह तआला के हुक्म के आगे झुका हुआ और अपनी-अपनी ज़बान में उसकी हम्द व तस्बीह और सज्दा बजा ला रहा है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now