Transliteration: (Allaahu yabda'ul khalqa summa yu'eeduhoo summa ilaihi turja'oon)
"अल्लाह ही पैदाइश की इब्तिदा करता है, फिर उसका इआदा करेगा (दोबारा पैदा करेगा) [21], फिर उसी की तरफ़ तुम सब पलटाए जाओगे [22]।"
जिस ज़ात ने इंसान को पहली बार ख़ाली अदम (नाबूद) से पैदा किया, उसके लिए दोबारा ज़िंदा करना पहली बार से भी ज़्यादा आसान है। अक़्ल का तक़ाज़ा है कि पहली पैदाइश को मानने वाला दोबारा ज़िंदा होने का इंकार न करे।
हर इंसान को बिल-आख़िर अपने ख़ालिक़ की तरफ़ लौटना है। मौलाना रूम फ़रमाते हैं कि दोस्त अपने दोस्त की तरफ़ ख़ुशी-ख़ुशी जाता है; मोमिन मौत और दीदार-ए-इलाही का मुश्ताक़ होता है, जबकि काफ़िर ख़ौफ़ और हसरत के साथ जबरन घसीटा जाता है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat