Transliteration: (Wa yawma taqoomus Saa'atu yublisul mujrimoon)
"और जिस दिन क़यामत क़ायम होगी, मुजरिम लोग बिल्कुल मायूस (हैरान व लाचार) रह जाएंगे [23]।"
क़यामत के दिन जब हक़ीक़त सामने आ जाएगी तो काफ़िर और मुजरिम हर तरफ़ से मायूस हो जाएंगे क्योंकि उनके बुत और झूठे माबूद बे-बस साबित होंगे। इसके बरअक्स अहले ईमान उस हौलनाक दिन भी अल्लाह की रहमत और हुज़ूर शफ़ीउल-मुज़निबीन ﷺ की शफ़ाअत की उम्मीद से पुर-अम्न होंगे।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat