कुरान - 30:1 सूरह अर-रूम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

1
الٓمٓ

Transliteration: (Alif-Laaam-Meeem)

अलिफ़-लाम-मीम। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रूम आयत 1 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अर-रूम - आयत 1

✅ 'अलिफ़-लाम-मीम'

यह सूरह हुरूफ़े मुक़त्तआत से शुरू होती है जिसका हक़ीक़ी मफ़हूम अल्लाह और उसके रसूल के पास है। यह कलामे इलाही के एजाज़ की रौशन अलामत है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now