कुरान - 30:15 सूरह अर-रूम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

15
فَأَمَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّـٰلِحَٰتِ فَهُمۡ فِي رَوۡضَةٖ يُحۡبَرُونَ

Transliteration: (Fa ammal lazeena aamanoo wa 'amilus saalihaati fahum fee rawdatiny yuhbaroon)

तो जो लोग ईमान लाए और उन्होंने नेक अमल किए, वे (जन्नत के) एक बाग़ में ख़ुश व शाद किए जाएंगे (इज़्ज़त पाएंगे) [27]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रूम आयत 15 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रूम तफ़सीर - आयत 15

"तो जो लोग ईमान लाए और उन्होंने नेक अमल किए, वे (जन्नत के) एक बाग़ में ख़ुश व शाद किए जाएंगे (इज़्ज़त पाएंगे) [27]।"

[27] जन्नत के महमान और दायमी शादमानी

सच्चे ईमान और नेक आमाल वालों को जन्नत के ख़ुशनुमा और मुअत्तर बाग़ों में ठहराया जाएगा जहाँ वे इज़्ज़त, तअज़ीम और रूहानी लज़्ज़तों से मालामाल होंगे। दुनिया का कोई रंज-ओ-ग़म वहाँ क़रीब नहीं फटक सकेगा।

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