कुरान - 30:16 सूरह अर-रूम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

16
وَأَمَّا ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ وَكَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَا وَلِقَآيِٕ ٱلۡأٓخِرَةِ فَأُوْلَـٰٓئِكَ فِي ٱلۡعَذَابِ مُحۡضَرُونَ

Transliteration: (Wa ammal lazeena kafaroo wa kazzaboo bi-Aayaatinaa wa liqaaa'il Aakhirati faulaaa'ika fil'azaabi muhdaroon)

और जिन लोगों ने कुफ़्र किया और हमारी आयात और आख़िरत की हाज़िरी को झुठलाया, तो वे अज़ाब में हाज़िर (गिरफ़्तार) रखे जाएंगे [28]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रूम आयत 16 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रूम तफ़सीर - आयत 16

"और जिन लोगों ने कुफ़्र किया और हमारी आयात और आख़िरत की हाज़िरी को झुठलाया, तो वे अज़ाब में हाज़िर (गिरफ़्तार) रखे जाएंगे [28]।"

[28] काफ़िरों के लिए दायमी अज़ाब

जिन्होंने कुफ़्र किया और क़यामत व अल्लाह की आयात को झुठलाया, वे हमेशा के लिए जहन्नुम के अज़ाब में क़ैद रहेंगे। काफ़िर के लिए जहन्नुम से कभी रिहाई नहीं। गुनहगार मोमिन अगर जहन्नुम में जाएगा भी तो अपनी सज़ा भुगत कर या शफ़ाअत के ज़रिये आख़िरकार निकाल लिया जाएगा, मगर काफ़िर हमेशा के लिए जलता रहेगा।

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