कुरान - 30:19 सूरह अर-रूम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

19
يُخۡرِجُ ٱلۡحَيَّ مِنَ ٱلۡمَيِّتِ وَيُخۡرِجُ ٱلۡمَيِّتَ مِنَ ٱلۡحَيِّ وَيُحۡيِ ٱلۡأَرۡضَ بَعۡدَ مَوۡتِهَاۚ وَكَذَٰلِكَ تُخۡرَجُونَ

Transliteration: (Yukhrijul haiya minal maiyiti wa yukhrijul maiyita minal haiyi wa yuhyil arda ba'da mawtihaa; wa kazaalika tukhrajoon (section 2))

वह मुर्दे से ज़िंदा को निकालता है और ज़िंदा से मुर्दे को निकालता है [34], और ज़मीन को उसकी मौत के बाद ज़िंदा करता है [35]; और इसी तरह तुम भी (क़ब्रों से) निकाले जाओगे [36]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रूम आयत 19 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रूम तफ़सीर - आयत 19

"वह मुर्दे से ज़िंदा को निकालता है और ज़िंदा से मुर्दे को निकालता है [34], और ज़मीन को उसकी मौत के बाद ज़िंदा करता है [35]; और इसी तरह तुम भी (क़ब्रों से) निकाले जाओगे [36]।"

[34] ज़िंदा और मुर्दा की तब्दीली

अल्लाह की क़ुदरत के कमाल देखिए कि वह बेजान नुत्फ़े और अंडे से जीता-जागता इंसान और परिंदा पैदा करता है, और जानदार से बेजान अंडा निकालता है। इसी तरह काफ़िर के घर से मोमिन (जैसे हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम आज़र के घर) और मोमिन के यहाँ ना-ख़लफ़ पैदा फ़रमा देता है।

[35] सूखी ज़मीन को ज़िंदा करना

अल्लाह तआला बंजर और सूखी ज़मीन पर बारिश बरसा कर उसे हरियाली और फूलों से लहलहा देता है।

[36] क़ब्रों से दोबारा ज़िंदा होना

जिस तरह सूखी ज़मीन से पौधे फूट पड़ते हैं, ठीक उसी तरह क़यामत के दिन इसराफ़ील अलैहिस्सलाम के सूर फूंकने पर तमाम इंसान अपनी क़ब्रों से ज़िंदा होकर निकल पड़ेंगे।

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