कुरान - 30:26 सूरह अर-रूम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

26
وَلَهُۥ مَن فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۖ كُلّٞ لَّهُۥ قَٰنِتُونَ

Transliteration: (Wa lahoo man fissamaawaati wal ardi kullul lahoo qaanitoon)

और उसी का है जो कोई आसमानों और ज़मीन में है; सब के सब उसी के फ़रमांबरदार हैं [52]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रूम आयत 26 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रूम तफ़सीर - आयत 26

"और उसी का है जो कोई आसमानों और ज़मीन में है; सब के सब उसी के फ़रमांबरदार हैं [52]।"

[52] मिल्क़ियत और मुकम्मल इताअत

क़ायनात की हर चीज़ अल्लाह की मम्लूक है। तक्वीनी तौर पर (ज़िंदगी, मौत, सेहत, बीमारी) सब बे-बस और फ़रमांबरदार हैं, किसी को ज़र्रा बराबर सरताबी की मजाल नहीं। शरई अहकाम में इंसानों को इख़्तियार देकर आज़माया गया है।

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