कुरान - 37:175 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

175
وَأَبۡصِرۡهُمۡ فَسَوۡفَ يُبۡصِرُونَ

Transliteration: (Wa absirhum fasawfa yubsiroon)

और उन्हें देखते रहिए, तो अब अनक़रीब वे देख लेंगे [172]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 175 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 175

"और उन्हें देखते रहिए, तो अब अनक़रीब वे देख लेंगे [172]!"

[172] अज़ाबे इलाही का मुशाहदा और यक़ीनी अंजाम

इस आयत में मुनकिरीन को ख़बरदार किया गया है कि वे दुनिया में, मौत के वक़्त और आख़िरत में अल्लाह के अज़ाब को अपनी आँखों से देखेंगे।

इससे यह भी मालूम होता है कि क़ब्र और आख़िरत के अहवाल हुज़ूर नबी-ए-करीम ﷺ की मुक़द्दस निगाहों से पोशीदा नहीं हैं। हदीस शरीफ़ (सहीह बुख़ारी) में आता है कि हुज़ूर ﷺ जब क़ब्रों के पास से गुज़रे तो आपकी खच्चर बिदक गई और आपने क़ब्र के अज़ाब का मुशाहदा फ़रमाया।

यह आयत हक़ के मुनकिरीन के लिए एक सख़्त तरीन तंबीह है।

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